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Monday, May 30, 2011

My Tragic History How Can I Forget It !!!17/10/2006

कहाँ से लिखू हाँ ये बात उन दिनों की जब मेरी पत्नी गर्भवती थी हम दोनों के दिल में एक ख्याल आया की इस बार शायद डिलेवरी में कुछ गलत हो सकता है पंडित से पूछा गया की भाग्य रेखा तो ठीक है पत्ता चला की जीवन रेखा कटी हुई है खैर हम लोग इस बात से अन्दर से बहुत डर गए भगवान की पूजा आदि करते थे की ऐसा कुछ न हो वो भी माँ दुर्गा की भक्त थी माँ से प्रार्थना करती थी की हमारा परिवार पर कोई विपदा न आये किन्तु ऐसा कुछ नहीं हुआ जिस बात की दिल में आशंका थी वो १७/१०/२००६ को घटित हो गई उन दिनों कुछ घट्नाय मेरे साथ ऐसी हुई जिनको मै आज भी सोच कर हैरान हो जाता हु उनकी गर्भा अवस्था के दिनों की बात है

१.मैंने एक कोयल को जो मेरे घर के नारियल के पेड़ से नीचे गिर गई थी शायद मर जाती यदि मै न पालता तो ,वो बिलकुल स्वस्थ हो चुकी थी मुझे देखते ही चिल्लाती थी तो मै उसे रोटी या फल खाने को देता था एक दिन मै उसे खाना खिला कर उपर अपने कमरे में गया तो पता चला की कोयल मर गयी मुझे बहुत दुःख हुआ उस समय मेरी पत्नी पूजा कर रही थी और वो भी भगवन से यही प्रार्थना कर रही थी की भगवान् मेरे जीवन की रक्ष। करना ।
मैंने अपनी पत्नी से कहा की देखो तुम भगवन से प्रार्थना कर रही थी शायद उसने सुन लिया क्योकि कोयल मर गयी।
उन्हें भी लगा की शायद ये बात सच है कोयल ने अपनी जान दे कर उनकी रक्ष। करी है पर ऐसा हुआ नहीं हुआ उसका उल्टा मैंने बाद में लोगो से सुना की काले पंछी का मरना बहुत अशुभ होता है जो घटित हुआ था।यहाँ एक बात मै बताना चाहूँगा मेरी शादी के ठीक १ माह पहले ही मेरी पत्नी का बहुत बुरी दुर्घटना हुई थी वो अपने गाव जा रही थी शादी की की बात बताने या शायद कुछ लोगो को मनाने जो ये शादी नहीं चाहते थे इंटर कास्ट की वजह से खैर मेरी शादी हो गयी मगर उस समय भी मेरी पत्नी पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हुई थी कुछ समय बाद वो स्वस्थ हो गयी थी जीवन ठीक ठाक चल रहा था जब जीवन में हर तरफ खुशिया थी अचानक ही सब समाप्त हो गया। ये ठीक उसी कोयल जैसी ही घटना थी जिसे मैंने घायल अवस्था में पाया था उसकी सेवा करी और वो ठीक हो चुकी थी कोयल के जैसे बोलने भी लगी थी की अचानक एक दिन उसकी मृत्यु हो गयी !


२.घटना दूसरी जो अक्सर मेरे दिमाग में घुमती है मैंने शादी सावन में किया सावन में भगवान् शिव के दिन होते है। जिस दिन उनकी मृत्यु हुई उस दिन मै भगवान शिव का महाकालेश्वर मंदिर जो बंगला बाजार से आगे है वह जागरण कर रहा था । जिस वक़्त मुझे हॉस्पिटल से मेरी बहन का फ़ोन आया की की भईया भाभी की तबियत बहुत सीरीयस है जल्दी आ जाये उस वक़्त भी मै शिव विवाह का भजन जो मेरे एक मित्र है बाल किशन वो गा रहे थे मै भाग कर आनन् फानन हॉस्पिटल पंहुचा जहा १ घंटे के बाद मेरी पत्नी ने आई .सी .यु में दम तोड़ दिया ये घटना अक्सर मुझे याद आती है तो मुझे दुःख होता है।


३.घटना ३ जो मेरे दिमाग में अक्सर घूमती है एक दिन मै एक मोबाइल खरीदने जा रहा था क्योकि एक पार्टी का प्रोग्राम भी बुक करना था विवेक साउन्ड जिन्हें में अपनी स्कूटर पर बैठा कर ले जा रह था क्युकि मेरे पास अधिवक्ता कार्ड नहीं था मैंने तुलसी सिनेमा हाल के पास स्कूटर रोका और बोला विवेक हेलमेट पहन लू शायद आगे चैकिंग हो रही है तभी अचानक एक औघड़ आ गया बोला बच्चा कुछ दे! तो मैंने उसे जेम से रूपये निकाले तो एक १० का और ५०० का नोट निकला तो मैंने उसे १० रूपये का नोट दे दिया। वो बोला बच्चा वो भी नोट दे बोला मै लुगा नहीं पूजा कर के वापिस कर दूंगा फिर वो जाने क्या मंत्र पढने लगा आपने हाथ का मांस अपने दात से काटने लगा फिर मेरा दिया हुआ ५०० का नोट वो गन्दी जगह पर छुआने लगा मै सम्मोहित अवस्था में ये सब देख रहा था। यहाँ एक बात बता दू मै वास्तव में सम्मोहित हो चूका था अचानक मेरे मित्र विवेक ने बोला ये क्या कर रहा है साले रूपए वापस कर तो जैसे मुझे होश आया विवेक बोला ज्ञान भाई चलो यहाँ से इसके जैसे बहुत से औघड़ मैंने देखे है
वो औघड़ बोला बच्चा वो १० तो दे दे फिर मैंने उसे १० रूपये दे दिए और वहा से चल दिया रस्ते में विवेक बोले आज ज्ञान भाई आपके ५०० बचवा दिए नहीं तो वो औघड़ ले जाता मै भी बोला हां वेवक भाई ये बात तो है। मेरी पत्नी जब हॉस्पिटल से डिसचार्ज हो कर लोटी तो ५०० रूपये सिक्यूरिटी के बच गए थे जो उन्होंने मुझे दिए और बोला मिट्ठू ये ५०० रख लो। मै उस ५०० को रख कर हिजड़ो के पास चला गया उन्हें दे दू नहीं तो घर पर वो आयेंगे और ज्यादा रूपये मांगेगे पर वो भी वहा नहीं मिले मीट लेने के लिए बाज़ार गए हुए थे मै वो ५०० का नोट वापिस लेकर आ गया।
यहाँ में ५०० रूपए का जिक्र इसलिए कर रहा हु क्योकि वो औघड़ मुझसे उस ५०० को भी मांग रहा था और कह रह था की मै तेरे लिए इसकी पूजा करूंगा। पर मैंने उसे वो रूपये नहीं दिए थे मै कभी कभी सोचता हूँ। की वो रूपये मुझे उस औघड़ को दे देना चाहिए था शायद उसकी पूजा से मेरी पत्नी की जान बच जाती खैर मैंने सुन रखा है की औघड़ भी भगवान् शिव का ही दूसरा रूप होता है यहाँ भी मै शिव को नहीं पहचान पाया "होईये वोहि राम रची रखा "यही सोच कर संतोष कर लेता हु।

४ .एक घटना मेरे जीवन में हुई थी जिसके बारे में मै अब सोचता हूँ मै अपनी पत्नी के साथ सो रहा था रात में अचानक एक बिल्ली मेरी खिड़की के छेद से आकर मेरे पत्नी के सर के ऊपर से कूद गयी हम दोनों ही डर के उठे की क्या हुआ था क्या चीज थी कमरे की लाइट जलाया तो देखा बिल्ली बिस्तर के नीचे बैठी हुई थी फिर मैंने उसे भगाया अभी हाल में ही मै बिल्ली के शगुन अपशगुन के बारे में पढ रहा था तो मुझे पता चला की बिल्ली यदि किसी औरत के सर के ऊपर से कूद जाये तो उसकी ६ महीनो में मृत्यु हो जाती है। काश ये बाते मुझे उस वक़्त पता होती।
खैर ये भी अजीब घटना हुई मेरे जीवन में हुई !

५.एक घटना मेरे जीवन में हुए हमारी शादी के कुछ ही दिन हुए थे हम लोग चौक में बड़ी काली जी के मंदिर के पास प्रोग्राम कर रहे थे तभी अचानक मेरे सर में जोर का दर्द उठा मै दर्द से परेशान हो उठा मैंने ग्रुप के ही एक गायक को कहा की रूपक तुम ओर्गनप्ले करो मै नहीं प्ले कर पाउँगा मेरे सर में बहुत दर्द हो रहा है मेरे साले भी मेरे लिए दावा लाने चले गए मेरे संगत करता मुन्ना अनवर जो ढोलक बजा रहे थे उन्होने जब देखा की वास्तव में ज्ञान परेशान है तो उन्होने मुझसे कहा की ज्ञान अभी मै तुम्हारा दर्द ठीक करता हूँ
और वो हाथ ऊपर कर के जाने क्या प् ढने लगे फिर उन्होने मेरे कान में कुछ फुका मै अचानक ठीक हो गया मेरा दर्द गायब हो गया ये भी मेरे जीवन की एक विचित्र घटना हुई।





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